29 जून : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में केंद्र सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। यदि प्रस्तावित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2026 लागू होता है, तो अंत्योदय अन्न योजना के तहत हर पात्र परिवार को मिलने वाला 35 किलो मासिक राशन समाप्त हो जाएगा। इसके बजाय अब राशन परिवार के सदस्यों की वास्तविक संख्या के आधार पर दिया जाएगा।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक-2026 का मसौदा जारी कर दिया है। इस पर 13 जुलाई तक आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर विधेयक को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वर्तमान व्यवस्था के तहत अंत्योदय अन्न योजना में परिवार में एक सदस्य हो या सात, सभी पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलो राशन मिलता है। नए प्रस्ताव के अनुसार अब प्रत्येक सदस्य को सात किलो अनाज मिलेगा। यानी एक सदस्य वाले परिवार को केवल सात किलो, दो सदस्यों वाले परिवार को 14 किलो और तीन सदस्यों वाले परिवार को 21 किलो राशन मिलेगा। हालांकि पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों को पहले की तरह अधिकतम 35 किलो राशन मिलता रहेगा।
इस बदलाव का सबसे अधिक असर छोटे परिवारों पर पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश में 28 जून 2026 तक अंत्योदय अन्न योजना के तहत 1,59,658 राशन कार्ड सक्रिय हैं। इनमें सबसे अधिक चार सदस्यों वाले परिवार हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 9,792 एक सदस्य, 17,935 दो सदस्य, 33,885 तीन सदस्य, 46,200 चार सदस्य, 28,778 पांच सदस्य, 14,566 छह सदस्य, 5,145 सात सदस्य तथा 3,357 सात से अधिक सदस्यों वाले अंत्योदय परिवार हैं।
प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य राशन वितरण को परिवार के वास्तविक आकार के अनुरूप बनाना है। यदि यह विधेयक संसद से पारित हो जाता है, तो देशभर के करोड़ों लाभार्थियों के साथ हिमाचल प्रदेश के 1.59 लाख से अधिक अंत्योदय परिवारों की राशन व्यवस्था भी बदल जाएगी।