5 मई: केंद्र सरकार द्वारा राजस्व अनुदान घाटा (RDG) बंद किए जाने के बावजूद हिमाचल प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान दी।
फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अपनी विभिन्न मांगों से अवगत करवाया और एक ज्ञापन भी सौंपा। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में वित्तीय चुनौतियों और RDG बंद होने के बावजूद कर्मचारियों व पेंशनरों के हित में कई फैसले लिए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी है।
इसके अलावा, 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के संशोधित वेतनमान से जुड़े सभी बकाया का भुगतान किया जा चुका है। वहीं, 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण के लंबित मामलों का भी निपटारा कर दिया गया है।
इस मौके पर पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।