8 अगस्त: जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से शुक्रवार को कम्युनिटी मेडिएटर यानी सामुदायिक मध्यस्थों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष पंकज शर्मा ने की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामुदायिक मध्यस्थों को संबोधित करते हुए पंकज शर्मा ने कहा कि अदालतों में आने वाले कई छोटे-छोटे मामलों का मध्यस्थता और आपसी सहमति के माध्यम से समाधान किया जा सकता है। इससे मामलों से जुड़े सभी पक्षकारों के समय और धन की बचत होगी तथा उनके आपसी संबंधों में अनावश्यक कटुता भी नहीं बढ़ेगी। साथ ही, अदालतों का बहुमूल्य समय भी बचाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) मामलों के आपसी सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से समाधान को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए कम्युनिटी मेडिएटर तैयार किए जा रहे हैं, जो विभिन्न मामलों के पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पंकज शर्मा ने सामुदायिक मध्यस्थों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मध्यस्थता और आपसी सहमति की प्रक्रिया को बढ़ावा दें तथा अपने क्षेत्रों को मुकदमा-मुक्त बनाने में योगदान करें। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षण में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
कार्यक्रम से पहले जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा, प्रशिक्षित मेडिएटर संजीव ठाकुर, केडी शर्मा और एसके डोगरा ने प्रतिभागियों को मध्यस्थता से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मध्यस्थता की विभिन्न प्रक्रियाओं और इसके महत्व के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत करवाया।