28 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) के एनएच विंग ने वर्ष 2026-27 के लिए 5500 करोड़ रुपए से अधिक की वार्षिक योजना केंद्र सरकार को भेज दी है। यह प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिसमें सड़क, पुल, टनल और फोरलेन जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।
हर साल की तरह इस बार भी एनएच विंग ने अपनी वार्षिक योजना मंत्रालय को भेजी है। जानकारी के अनुसार, इस बार कुल 23 परियोजनाओं को प्रस्ताव में शामिल किया गया है, जिनसे प्रदेश में कनेक्टिविटी और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
इन प्रस्तावों में सबसे अहम परियोजना जलोड़ी दर्रा (NH-305) पर बनने वाली टनल है, जिसकी अनुमानित लागत 1775 करोड़ रुपए है। इस टनल की डीपीआर पहले ही केंद्र को भेजी जा चुकी है, जिससे इसके जल्द मंजूर होने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा कालाअंब से पांवटा साहिब तक फोरलेन सड़क का प्रस्ताव भी शामिल है, जिसकी लागत करीब 2041 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह मार्ग औद्योगिक और यातायात की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
एनएच विंग ने इसके साथ ही 30 से 50 किलोमीटर लंबाई की चार नई सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव भी भेजा है, जिनकी कुल अनुमानित लागत 1021 करोड़ रुपए है।
सूत्रों के अनुसार, इन सभी प्रस्तावों पर मई महीने में दिल्ली में होने वाली बैठक में चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही केंद्र सरकार इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी देगी। प्रदेश को उम्मीद है कि इस वार्षिक योजना के अधिकतर प्रस्तावों को स्वीकृति मिल जाएगी, जिससे विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी।