15 जुलाई: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) की 36वीं कोर्ट बैठक मंगलवार को विश्वविद्यालय समिति कक्ष में प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति कविंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित हुई। विश्वविद्यालय के सर्वोच्च वैधानिक निकाय की इस बैठक में वार्षिक रिपोर्ट 2023-24 तथा वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट 2019-20 को स्वीकृति प्रदान की गई। वर्ष 2020 की ऑडिट रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने लंबित ऑडिट पैरा का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए। वहीं, शिक्षा सचिव डॉ. राकेश कंवर ने अतिरिक्त चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त कर ऑडिट कार्य शीघ्र पूरा करने का सुझाव दिया।
बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक, वित्तीय और विकासात्मक कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही विश्वविद्यालय के समग्र विकास और गुणवत्ता सुधार से जुड़े विभिन्न सुझावों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इस दौरान कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन की प्रगति से भी सदस्यों को अवगत कराया गया।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने विश्वविद्यालय कोर्ट की बैठक नियमित रूप से आयोजित करने और हर तीन माह में इसकी बैठक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक एक गांव को गोद लेकर वहां पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित करे।
बैठक में भोरंज के विधायक सुरेश कुमार को सर्वसम्मति से विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद का सदस्य निर्वाचित किया गया। विधायक हरीष जनार्था, सुरेश कुमार और चंद्र शेखर ने भी विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े अपने सुझाव रखे। बैठक में शिक्षा सचिव डॉ. राकेश कंवर सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और कोर्ट के सदस्य उपस्थित रहे।