15 जुलाई: माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड में 550 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के कथित नकली चांदी के चढ़ावे के मामले में जम्मू की अदालत ने अहम कदम उठाया है। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुनीश कुमार मन्हास की अदालत ने क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी को मामले से जुड़े सभी आवश्यक रिकॉर्ड के साथ 29 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के अधिवक्ता दीपक शर्मा की याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाई गई चांदी में कथित रूप से मिलावट, अदला-बदली और गबन किया गया।
9 मई को दी गई शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वास भंग, गबन, रिकॉर्ड में हेराफेरी तथा कैडमियम युक्त कथित नकली सामग्री की खरीद-बिक्री जैसे गंभीर संज्ञेय अपराधों का उल्लेख किया गया है।
अधिवक्ता दीपक शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस मामले में आईजीपी क्राइम ब्रांच और एसएसपी क्राइम ब्रांच (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) को विस्तृत शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।