13 जुलाई: भारत और म्यांमार के बीच सीमा व्यापार छह साल बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। दोनों देशों के व्यापारिक संगठनों के बीच हुई बैठक के बाद 20 जुलाई से अरुणाचल प्रदेश के पैंगसाऊ दर्रे के माध्यम से सीमा-पार व्यापार दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया है। कोविड-19 महामारी के कारण 3 फरवरी 2020 से यह व्यापार बंद था।
फ्री मूवमेंट रिजीम (एफएमआर) के तहत सीमा के दोनों ओर 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर व्यापार और सीमा-पार लेन-देन की अनुमति मिलती है। भारतीय व्यापार संगठन के अध्यक्ष जोंगखम मोरांग ने कहा कि व्यापार दोबारा शुरू होने से महामारी के दौरान प्रभावित हुई आजीविका को संबल मिलेगा।
स्थानीय विधायक लैसम सिमाई ने कहा कि सीमा व्यापार बहाल होने से छोटे व्यापारियों और स्थानीय लोगों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सीमा हाट प्रत्येक महीने की 10, 20 और 30 तारीख को आयोजित की जाएगी। व्यापार बहाली का निर्णय 9 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत और म्यांमार के व्यापारिक प्रतिनिधियों की बैठक के बाद लिया गया।
वहीं, भारत-चीन सीमा पर लिपुलेख दर्रे के जरिए व्यापार अब भी शुरू नहीं हो सका है। चीनी अधिकारियों ने भारतीय व्यापारियों से तिब्बत के तकलाकोट में नए बाजार और गोदाम का निर्माण पूरा होने तक इंतजार करने को कहा है। लिपुलेख के रास्ते होने वाला सीमा व्यापार भी कोविड-19 के दौरान वर्ष 2020 में बंद कर दिया गया था।