3 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने मेघालय हाई कोर्ट के आदेश पर चिंता जरूर जताई, लेकिन फिलहाल उसमें हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने कहा कि सोनम रघुवंशी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं और ट्रायल कोर्ट द्वारा तय जमानत की शर्तों के अनुसार शिलांग में रह रही हैं।
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि मामला बेहद गंभीर है और तकनीकी आधार पर आरोपी को राहत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सहमति नहीं जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अदालत के दोबारा खुलने के बाद तय करने की बात कही। इससे पहले मेघालय सरकार ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी सोनम रघुवंशी को अपने व्यवसायी पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में जून 2025 में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, 23 मई 2025 को हनीमून के दौरान मेघालय के सोहरा क्षेत्र में लापता हुए दंपति में से राजा रघुवंशी का शव 2 जून को एक गहरी खाई से बरामद हुआ था। जांच में आरोप लगाया गया कि सोनम रघुवंशी ने आर्थिक लाभ के उद्देश्य से किराए के हमलावरों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची। 29 जून को मेघालय हाई कोर्ट ने उन्हें दी गई जमानत को बरकरार रखा था।