3 जुलाई: ऊना जिले का हरोली विधानसभा क्षेत्र हिमाचल प्रदेश का पहला पूर्ण सीसीटीवी निगरानी वाला विधानसभा क्षेत्र बन गया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को 5.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम) ‘आईना’ का लोकार्पण किया। मिनी सचिवालय स्थित डीएसपी कार्यालय में स्थापित यह सेंटर आधुनिक और तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली में अपराध की मंशा से आने वाला कोई भी व्यक्ति अब कानून की नजर से बच नहीं सकेगा। विधानसभा क्षेत्र के 60 महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए 195 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। अपराध में प्रयुक्त या संदिग्ध वाहन क्षेत्र में प्रवेश करते ही कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को तत्काल अलर्ट मिलेगा, जिससे पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी और तकनीक के माध्यम से चालान प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हाई-रिजोल्यूशन कैमरों और अत्याधुनिक तकनीक से लैस ‘आईना’ के साथ हरोली देश के चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हो गया है, जहां अपराध नियंत्रण के लिए एडवांस तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था स्थापित की गई है। यह प्रदेश की पहली पूर्णतः वायरलेस कमांड एंड कंट्रोल प्रणाली है। सेंटर में 19 बड़ी एलईडी वीडियो वॉल के जरिए पूरे विधानसभा क्षेत्र की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। सिस्टम में तीन माह तक का डेटा सुरक्षित रखने की क्षमता है, जबकि किसी प्रकार की छेड़छाड़ की स्थिति में भी आठ घंटे तक का डेटा सुरक्षित रिकॉर्ड रहेगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत से सात इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) भी स्थापित किए गए हैं, जो यातायात प्रबंधन के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों और अपराधियों की पहचान में पुलिस के लिए उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह व्यवस्था अपराध नियंत्रण को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार जिला मुख्यालयों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। हरोली में एसडीएम कार्यालय, विभिन्न सरकारी कार्यालयों और वाहन पंजीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि हरोली में लगभग 25 हजार वाहन पंजीकृत हैं और अब लोगों को वाहन पंजीकरण के लिए अन्य स्थानों पर नहीं जाना पड़ता।
उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले कुछ दिनों में हरोली बस डिपो शुरू कर जनता को समर्पित किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं और विभिन्न रूट तय कर लिए गए हैं। यहां से दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला और एम्स बिलासपुर सहित प्रमुख गंतव्यों के लिए नियमित बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि टाहलीवाल में नए पुलिस थाना भवन का निर्माण शीघ्र शुरू होगा तथा पुलिस बल की आवश्यकता के अनुसार मैनपावर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि हरोली अस्पताल को 50 से बढ़ाकर 100 बिस्तरों का बनाने के लिए 8.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से चार करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। विधानसभा क्षेत्र में लगभग 140 करोड़ रुपये की लागत से पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा 75 करोड़ रुपये की बीत क्षेत्र सिंचाई योजना-दो तथा 97 करोड़ रुपये की कमांड एरिया डेवलपमेंट एवं मॉडर्नाइजेशन परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में 33 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तीन सरकारी कॉलेज, दो आईटीआई, ट्रिपल आईटी, केंद्रीय विद्यालय, लॉ कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और आयुर्वेदिक कॉलेज जैसी संस्थाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे रही हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की बल्क ड्रग पार्क परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले महीनों में इसकी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी। इस परियोजना में प्रदेश और केंद्र सरकार एक-एक हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं। इसके शुरू होने से बड़े निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने डीएसपी कार्यालय हरोली के लिए नए पुलिस वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि पुलिस थाना टाहलीवाल और पुलिस चौकी पंडोगा को पहले ही नए वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। डीएसपी कार्यालय को नया वाहन मिलने के बाद वहां का वर्तमान वाहन पुलिस थाना हरोली को सौंप दिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि पंजाब से लगती लगभग 55 किलोमीटर लंबी अंतरराज्यीय सीमा वाले हरोली उपमंडल के 60 महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर कुल 195 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 103 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और 92 अन्य सीसीटीवी कैमरे शामिल हैं। एएनपीआर तकनीक के माध्यम से संदिग्ध और अपराध में प्रयुक्त वाहनों की तुरंत पहचान की जा सकेगी। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी संचालित होगा, जिसके माध्यम से ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग और सीट बेल्ट का उपयोग न करने जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में चौबीसों घंटे नजर रखकर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।