2 जुलाई: हिमाचल प्रदेश सरकार ने नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव की मतदान प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब पार्षदों को मतदान के दौरान यह नहीं दिखाना होगा कि उन्होंने किस उम्मीदवार को वोट दिया है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश नगर निगम (निर्वाचन) नियम, 2012 के नियम 81-ख में संशोधन करते हुए मतदान को पूरी तरह गोपनीय बनाने का फैसला लिया है।
नई व्यवस्था के तहत पार्षद मतपत्र पर क्रॉस का निशान लगाने के बाद उसे इस तरह मोड़ेंगे कि उनका वोट किसी को दिखाई न दे। इसके बाद मतपत्र सीधे मतपेटी में डाला जाएगा। यह संशोधन पहली जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के साथ तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
प्रदेश के पालमपुर, धर्मशाला और मंडी नगर निगमों में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पहले ही संपन्न हो चुके हैं। अब केवल सोलन नगर निगम में चुनाव होना बाकी है। शपथ ग्रहण के दिन कोरम पूरा नहीं होने के कारण चुनाव नहीं हो पाया था, जिसके बाद दो जुलाई को चुनाव के लिए बैठक निर्धारित की गई है।
सरकार के इस फैसले के बाद पार्षद बिना किसी दबाव के स्वतंत्र और गोपनीय तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। मतदान प्रक्रिया में यह बदलाव चुनाव की निष्पक्षता और गोपनीयता को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।