2 जुलाई: हिमाचल प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एचपी वीबी-जी राम जी (हिमाचल प्रदेश विकसित भारत-गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना-2026 को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। ग्रामीण विकास विभाग की 27 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार यह योजना बुधवार से प्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है।
यह योजना विकसित भारत-गारंटी अधिनियम, 2025 के तहत अधिसूचित की गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार, आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार का कहना है कि इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत सामान्य क्षेत्रों में काम करने वाले ग्रामीण श्रमिकों को 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलेगी, जबकि अनुसूचित क्षेत्रों में यह दिहाड़ी 375 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है। यानी अनुसूचित क्षेत्रों के श्रमिकों को सामान्य क्षेत्रों की तुलना में 75 रुपये अधिक मजदूरी मिलेगी।
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में शिकायत पंजी रखा जाएगा। रोजगार, मजदूरी या अन्य किसी भी विवाद से जुड़ी शिकायतें इसमें दर्ज की जाएंगी और उनका नियमानुसार निपटारा किया जाएगा।