1 जुलाई: हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून अपनी सामान्य तिथि 25 जून की तुलना में करीब पांच दिन की देरी से प्रदेश पहुंचा है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा मंडी तक पहुंच चुकी है और इसके तेजी से आगे बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल मानसून किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, शिमला और मंडी के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ कांगड़ा और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों को कवर कर चुका है। विभाग ने प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने 2 से 4 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 5 और 6 जुलाई के लिए येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ भूस्खलन, जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है।
बीते 24 घंटों के दौरान गोहर में सबसे अधिक 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा मंडी में 45.6, बरठीं में 42.6, रायपुर मैदान में 41, सुंदरनगर में 31.4 और कांगड़ा में 30.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, ऊना राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।