1 जुलाई: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और फोरलेन निर्माण कार्य के बीच सोलन जिले की सीमा से सटे क्यारड़ क्षेत्र में हुए भारी भूस्खलन ने लोगों की आवाजाही पर बड़ा असर डाला है। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग-205 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन मार्ग बंद कर वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार नौणी से भराड़ीघाट के बीच मटौर-शिमला फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। लगातार बारिश के चलते क्यारड़ के समीप पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गिरा। पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहने के कारण प्रशासन ने नम्होल-राजघाटी मार्ग को भी सभी प्रकार के वाहनों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
मार्ग बंद होने के बाद जिला प्रशासन ने ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया है। बिलासपुर और हमीरपुर से शिमला जाने वाले वाहनों को ब्रह्मपुखर, जुखाला, जब्बल पुल, रानीकोटला, खारसी और दाड़लामोड़ होकर भेजा जा रहा है। वहीं शिमला से मंडी जाने वाले वाहनों को दाड़लामोड़, नवगांव, खारसी, रानीकोटला और बैरी मार्ग से निकाला जा रहा है। शिमला से बिलासपुर और हमीरपुर लौटने वाले वाहन भी दाड़लामोड़, खारसी, रानीकोटला, जब्बल पुल और घाघस होकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने बताया कि क्यारड़ क्षेत्र में फिलहाल आवाजाही सुरक्षित नहीं है। सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए संबंधित विभाग की टीमें मशीनरी के साथ मौके पर जुटी हुई हैं। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें, यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें, संकरी सड़कों पर ओवरटेकिंग से बचें और एंबुलेंस सहित आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दें। सड़क पूरी तरह बहाल होने के बाद ही अगली सूचना जारी की जाएगी।