चार दशक की गौरवपूर्ण सेवा के बाद सेना प्रमुख पद से सेवानिवृत्त हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी

30 जून : भारतीय सेना में चार दशकों से अधिक की शानदार सेवा के बाद जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो गए। उनकी जगह जनरल धीरज सेठ ने नए सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। जनरल द्विवेदी का कार्यकाल सेना की संचालन क्षमता को मजबूत करने, आधुनिकीकरण को गति देने, नई तकनीकों को अपनाने, तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने और सैनिकों के कल्याण को प्राथमिकता देने के लिए याद किया जाएगा।

सेना प्रमुख के रूप में जनरल द्विवेदी ने सभी मोर्चों पर संचालन तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके नेतृत्व में उत्तरी सीमाओं पर ‘ऑपरेशन स्नो लेपर्ड’ के तहत सेना ने मजबूत और सतर्क तैनाती बनाए रखी, जबकि पश्चिमी सीमा पर भी पेशेवर ढंग से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उनके कार्यकाल में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक महत्वपूर्ण अभियान रहा, जिसने बदलते सुरक्षा परिदृश्य में भारतीय सेना की तैयारी, सटीक रणनीति और प्रभावी कार्रवाई का परिचय दिया।

जनरल द्विवेदी ने सेना के ‘बदलाव के दशक’ को नई दिशा देते हुए पुनर्गठन, आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन, मानव संसाधन प्रबंधन और संयुक्त सैन्य क्षमता को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उनके मार्गदर्शन में रुद्र ब्रिगेड, भैरव बटालियन, अश्विनी ड्रोन प्लाटून, शक्तिमान रेजिमेंट, दिव्यास्त्र बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर ब्रिगेड और इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप जैसी महत्वपूर्ण पहलें आगे बढ़ाई गईं।

उन्होंने सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय को बढ़ावा देते हुए भविष्य की संयुक्त और थिएटर आधारित सैन्य संरचना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके कार्यकाल में सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। ‘वेटरन्स अचीवर्स अवार्ड’ जैसी पहल के माध्यम से पूर्व सैनिकों के योगदान को सम्मानित करने के साथ उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि सेना की जिम्मेदारी अपने जवानों और उनके परिवारों के प्रति सेवा अवधि के बाद भी बनी रहे।

जनरल द्विवेदी ने ‘विकसित भारत विजन @2047’ और ‘सशस्त्र बल विजन @2047’ के अनुरूप ‘रणनीतिक सुरक्षा दिशानिर्देश @2047’ तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाई। उत्कृष्ट सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें ‘परम विशिष्ट सेवा मेडल’ और ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया।

Social Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *