30 जून, कविता शांति गौतम : हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू), शिमला के भौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. वीर सिंह रांगड़ा अपने दीर्घ एवं गौरवपूर्ण शैक्षणिक कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति पर विश्वविद्यालय परिवार, शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई देते हुए उनके शैक्षणिक और सामाजिक योगदान की सराहना की।
प्रो. वीर सिंह रांगड़ा ने अपने लंबे शिक्षण जीवन में अध्यापन, शोध और वैज्ञानिक चिंतन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके अनेक शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने विज्ञान विषय पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का लेखन एवं संपादन किया, जो विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री के रूप में मानी जाती हैं।
एक कुशल शिक्षक और मार्गदर्शक के रूप में उन्होंने सैकड़ों विद्यार्थियों तथा अनेक शोधार्थियों का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन किया। उनकी विद्वत्ता, अनुशासन, सरल व्यक्तित्व और शोध के प्रति समर्पण ने उन्हें विश्वविद्यालय के सम्मानित शिक्षकों में विशेष पहचान दिलाई।
शैक्षणिक क्षेत्र के साथ-साथ प्रो. रांगड़ा सामाजिक जीवन में भी सक्रिय रहे हैं। वर्तमान में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हिमाचल प्रांत के प्रांत संघचालक का दायित्व निभा रहे हैं। शिक्षा और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान को भी व्यापक सराहना मिली है।
उनकी सेवानिवृत्ति पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, पूर्व विद्यार्थियों और शुभचिंतकों ने उनके स्वस्थ, सुखद और सक्रिय जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन भविष्य में भी शिक्षा जगत और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के संयुक्त सचिव स्वस्तिक गौतम ने भी प्रो. वीर सिंह रांगड़ा को सेवानिवृत्ति पर शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यकाल को प्रेरणादायक और सराहनीय बताया।