30 जून : मंडी में पूर्व विधायक सोहन लाल ठाकुर की कार को टक्कर मारने के चर्चित मामले में आरोपी नरेश कुमार को अतिरिक्त सत्र अदालत ने बरी कर दिया है। अदालत ने पुलिस जांच और साक्ष्य प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए निचली अदालत का फैसला निरस्त कर दिया।
यह मामला 31 मई 2016 का है, जब सुंदरनगर के कंगू क्षेत्र में कथित तौर पर शराब के नशे में कार चला रहे आरोपी ने दो वाहनों को टक्कर मार दी थी। हादसे के समय पूर्व विधायक सोहन लाल ठाकुर अपने चालक और सुरक्षा कर्मी के साथ वाहन में सवार थे।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अदालत ने वर्ष 2023 में आरोपी को लापरवाही से वाहन चलाने और चोट पहुंचाने के मामले में छह माह की सजा और जुर्माने से दंडित किया था। हालांकि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश होशियार सिंह वर्मा की अदालत ने अपील पर सुनवाई के बाद आरोपी को राहत दे दी।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पुलिस यह साबित नहीं कर पाई कि हादसे के समय वाहन वास्तव में कौन चला रहा था। जांच में सामने आया कि कार में अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन इस पहलू को स्पष्ट नहीं किया गया।
फैसले में यह भी उल्लेख किया गया कि पुलिस ने मामले में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश नहीं किए। यहां तक कि पूर्व विधायक सोहन लाल ठाकुर को भी गवाह के रूप में पेश नहीं किया गया।
अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और निचली अदालत ने साक्ष्यों का समुचित मूल्यांकन नहीं किया। इसी आधार पर आरोपी नरेश कुमार को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।