27 जून : राजधानी शिमला में मानसून की औपचारिक दस्तक से पहले शुक्रवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने शहर में भारी तबाही मचा दी। कुछ घंटों की बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया। उफनते नालों, जलभराव और मलबा आने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ढली स्थित आशियाना कॉलोनी में उफनते नाले के साथ आए भारी मलबे और बड़े पत्थरों ने सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया। सड़क किनारे खड़े तीन वाहन मलबे की चपेट में आकर दब गए, जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुंचा। बारिश थमने के बाद स्थानीय लोगों ने वाहनों को निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचीं और देर शाम तक सड़क से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने का कार्य जारी रहा।
तेज बारिश के कारण ढली क्षेत्र के कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का घरेलू सामान खराब हो गया। वहीं शहर की प्रमुख सड़कों और पैदल मार्गों पर जलभराव होने से वाहन चालकों और राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। शिमला के समीप बढ़ाई गांव में भारी बारिश के दौरान एक पेड़ गिर गया। हालांकि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पेड़ गिरने से बिजली की तारें क्षतिग्रस्त हो गईं।
इस घटना ने एक बार फिर बरसात से पहले की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्री-मानसून बारिश में ही सामने आई इस स्थिति ने संकेत दे दिए हैं कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो मानसून के दौरान हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।