27 जून : अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में पहली बार राज्यभर में एक साथ एंटी-चिट्टा दिवस मनाया गया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहे प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के तहत राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 10 अलग-अलग स्थानों पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत विभिन्न मामलों में जब्त किए गए मादक पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया। इन नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 13.28 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस विभाग के अनुसार, हिमाचल के इतिहास में यह पहला अवसर है जब पूरे प्रदेश में एक साथ इतनी बड़ी मात्रा में जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। इस अभियान की निगरानी मुख्य सचिव कमलेश पंत ने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में की।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल जब्त मादक पदार्थों का निपटारा करना नहीं, बल्कि ड्रग माफिया और नशा तस्करों को कड़ा संदेश देना भी है कि हिमाचल में नशे के अवैध कारोबार के लिए कोई स्थान नहीं है। साथ ही युवाओं को चिट्टा और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की गिरफ्त से बचाकर सुरक्षित भविष्य देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर नशे से अधिक प्रभावित पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। इनमें सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। इसके अलावा प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी कार्यालयों में नशे के विरुद्ध एंटी-चिट्टा ई-शपथ भी दिलाई गई।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि चिट्टा या अन्य किसी भी मादक पदार्थ की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से जुड़ी सूचना तुरंत 112 या निकटतम पुलिस थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।