25 जून : हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध श्रीखंड महादेव यात्रा इस वर्ष शुरू होने से पहले ही अनिश्चितता के दौर में पहुंच गई है। आगामी 10 जुलाई से 23 जुलाई तक प्रस्तावित यात्रा को लेकर उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फिलहाल यात्रा आयोजित न करने का निर्णय लिया है। प्रशासन के इस फैसले से श्रद्धालुओं, टेंट कारोबारियों और लंगर समितियों में निराशा देखी जा रही है।
बुधवार को एसडीएम कार्यालय निरमंड में श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट के गैर-सरकारी सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त कुल्लू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। इस दौरान प्रदेश मिल्क फेडरेशन के चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर तथा श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम निरमंड जगदीप सिंह राठौर भी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने बताया कि यात्रा से पहले प्रशासन द्वारा मार्ग का निरीक्षण करवाया गया था। निरीक्षण दल में वन, राजस्व, जल शक्ति विभाग तथा अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान मनाली के प्रतिनिधि शामिल थे। टीम की रिपोर्ट में भीम डवारी से पार्वती बाग तक का मार्ग क्षतिग्रस्त और जोखिमपूर्ण बताया गया है। वर्ष 2024 में बादल फटने की घटना के बाद इस हिस्से में मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा था, जिसके चलते यात्रा करवाना फिलहाल सुरक्षित नहीं माना गया।
दूसरी ओर, टेंट कारोबारियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है। उनका कहना है कि कई कारोबारियों ने यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली हैं और लाखों रुपये की खाद्य सामग्री भी विभिन्न पड़ावों तक पहुंचाई जा चुकी है। उनका मानना है कि क्षतिग्रस्त मार्ग का अस्थायी समाधान निकालकर यात्रा को शुरू किया जा सकता है।
यात्रा ट्रस्ट के गैर-सरकारी सदस्यों और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भी निर्णय पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि यात्रा की तिथियां तय होने और तैयारियां शुरू होने के बाद अंतिम समय में लिया गया यह फैसला श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए झटका है। उन्होंने बताया कि आधिकारिक यात्रा शुरू होने से पहले ही करीब 10 हजार श्रद्धालु श्रीखंड महादेव के दर्शन कर लौट चुके हैं।