25 जून : चंडीगढ़-कालाअंब-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर मारकंडा नदी के ऊपर निर्मित नए बो-स्ट्रिंग पुल का बुधवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुगम और तेज होगा।
इस अवसर पर सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि नाहन-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित 180 मीटर लंबे खजूरना पुल का निर्माण क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पुल जिला सिरमौर, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों, पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों के लिए बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराएगा।
सुरेश कश्यप ने बताया कि वर्ष 2022 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लगभग तीन वर्षों में पूरा कर जनता को समर्पित किया गया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिली है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में करीब 22,190 करोड़ रुपये की लागत से 35 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिनकी कुल लंबाई लगभग 545 किलोमीटर है। वहीं वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 14,172 करोड़ रुपये के निवेश से 160 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं पूरी की गई हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 10,160 किलोमीटर है।
सांसद ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में सड़क संपर्क का विस्तार विकास की प्राथमिक आवश्यकता है और केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि कालका-शिमला फोरलेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जबकि पांवटा साहिब से हट्टी तक लगभग 1,426 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ग्रीन कॉरिडोर राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य भी अंतिम चरण में है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सीआरएफ के तहत डेहरी-पुर्जगा सड़क के लिए 205 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसके अलावा पिंजौर-बद्दी फोरलेन परियोजना में आई बाधाओं को दूर कर जल्द कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा। कश्यप ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़क, रेल और अन्य आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है, जिसका लाभ हिमाचल प्रदेश सहित देश के दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच रहा