पुतला दहन मामले में 11 भाजपा पार्षदों पर एफआईआर, जांच के दायरे में 20 से अधिक लोग

20 जून : नगर निगम धर्मशाला के नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण से पहले भाजपा समर्थित पार्षदों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नगर निगम आयुक्त का पुतला जलाने के मामले में पहले आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अब जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, धरना-प्रदर्शन में शामिल सभी 11 नवनिर्वाचित भाजपा समर्थित पार्षदों समेत 15 से 20 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया जा सकता है।

पुलिस ने पूछताछ के लिए नवनिर्वाचित पार्षदों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को थाना धर्मशाला बुलाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को भी करीब एक दर्जन पार्षदों और पार्टी पदाधिकारियों से पूछताछ की गई। पुलिस थाना धर्मशाला में नगर निगम कार्यालय परिसर में आग लगाने और गैरकानूनी सभा करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 287 और 189(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गुरुवार को नगर निगम कार्यालय परिसर स्थित समृद्धि भवन के बाहर भाजपा समर्थित पार्षदों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण में देरी के विरोध में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा मुख्यमंत्री और नगर निगम आयुक्त का पुतला जलाने का प्रयास किया गया। पुतले में आग लगने के बाद पुलिस कर्मियों ने उसे मौके से हटाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने बताया कि मामले में नवनिर्वाचित पार्षदों सहित 15 से 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रदर्शन से जुड़े वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है तथा प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

भाजपा समर्थित पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद भी उन्हें अब तक शपथ नहीं दिलाई गई है। इसके कारण वे अपने वार्डों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं और लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया था।

गौरतलब है कि नगर निगम धर्मशाला के चुनाव 17 मई को हुए थे और परिणाम 31 मई को घोषित किए गए थे। इसके बावजूद नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण अभी तक नहीं हो पाया है। हालांकि इसके लिए 29 जून की तिथि निर्धारित की गई है। भाजपा का आरोप है कि प्रदेश सरकार जानबूझकर शपथ ग्रहण प्रक्रिया में देरी कर रही है।

पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने बताया कि समृद्धि भवन के सुरक्षा गार्ड केहर सिंह की शिकायत पर वार्ड-13 के पार्षद हर्ष ओबराय, वार्ड-15 के प्रवीण कुमार, वार्ड-17 के विशाल जम्वाल, वार्ड-6 की पार्षद करिश्मा छेत्री, ग्रामीण मंडल भाजपा अध्यक्ष भुवनेश चौधरी, भाजपा कार्यकर्ता प्रेरणा शर्मा सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने पहले सरकार विरोधी नारेबाजी की और बाद में मुख्यमंत्री तथा नगर निगम आयुक्त के पुतले जलाए।

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