19 जून : डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान एवं चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में गुरुवार को एंटी रैगिंग कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मेडिकल कॉलेज परिसर में रैगिंग की किसी भी घटना को रोकना और छात्रों के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना था।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा ने एंटी रैगिंग कमेटी के सभी सदस्यों को अपने दायित्व पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रैगिंग एक गंभीर और दंडनीय अपराध है, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद यदि कोई छात्र या छात्र समूह किसी जूनियर छात्र के साथ रैगिंग करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ एंटी रैगिंग कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित छात्र पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है तथा उसे छह माह तक संस्थान से निष्कासित किया जा सकता है। इसके अलावा मामले की गंभीरता के आधार पर तीन वर्ष तक के कठोर कारावास और आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि एंटी रैगिंग कमेटी किसी शिकायत या घटना की अनदेखी करती है, तो संबंधित सदस्यों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक के दौरान एंटी रैगिंग कमेटी ने विभिन्न बैचों के कक्षा प्रतिनिधियों से संवाद कर कॉलेज परिसर में रैगिंग की स्थिति और संभावित शिकायतों के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही नशे की रोकथाम और परिसर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी अहम निर्णय लिए गए।
निर्णय लिया गया कि मेडिकल कॉलेज परिसर और छात्रावासों में आने वाले सभी ऑनलाइन पार्सल पहले हॉस्टल सुरक्षा कर्मियों के पास जमा होंगे। इसके बाद छात्र अपनी पहचान सत्यापित कर सामान प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य परिसर में प्रतिबंधित या संदिग्ध वस्तुओं की एंट्री रोकना है।
बैठक में मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक बनयाल, बीएससी नर्सिंग प्रिंसिपल पूजा सूद, एनजीओ प्रतिनिधि राजीव समकरिया, हॉस्टल मैनेजर दीपक वर्मा, डॉ. सीमा, पंकज राणा, डॉ. सपना भारद्वाज, डॉ. बालचंद्र, मोनिका चौधरी, कुसुम लता, सिक्योरिटी सुपरवाइजर गुलेर सिंह, पुलिस विभाग से अश्वनी सहित एंटी रैगिंग कमेटी के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।