18 जून : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद को लेकर चल रहे विवाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। अदालत के इस निर्णय के बाद ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता के पद पर बने रहेंगे।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के पक्ष में ऐसा कोई प्रथम दृष्टया मामला या सुविधा का संतुलन नहीं पाया गया, जिसके आधार पर अंतरिम आदेश जारी किया जा सके। अदालत ने सभी पक्षों को अगली सुनवाई से पहले अपने-अपने हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।
यह मामला विधानसभा अध्यक्ष रथिन बसु के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें ऋतब्रत भट्टाचार्य को विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए टीएमसी विधायक शोवनदेब चट्टोपाध्याय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्पीकर के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने फिलहाल इस मांग को स्वीकार नहीं किया और स्पीकर का फैसला यथावत रहने दिया।