17 जून : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के गृह विधानसभा क्षेत्र बिलासपुर सदर में भाजपा ने नगर परिषद चुनावों में एक बार फिर अपना मजबूत जनाधार साबित किया है। नगर परिषद बिलासपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की निर्विरोध ताजपोशी हुई। वार्ड-2 की पार्षद जमना देवी को नगर परिषद अध्यक्ष तथा वार्ड-5 के पार्षद नरेंद्र पंडित को उपाध्यक्ष चुना गया। चुनाव प्रक्रिया मंगलवार को एसडीएम डॉ. राजदीप सिंह की अध्यक्षता में नगर परिषद कार्यालय में संपन्न हुई।
नगर परिषद के 11 सदस्यीय सदन में भाजपा समर्थित 9 पार्षदों की जीत ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के परिणाम पहले ही लगभग तय कर दिए थे। इस बार भाजपा ने पिछली परिषद की तुलना में अपना प्रदर्शन बेहतर किया है। पिछली बार जहां भाजपा समर्थित 7 पार्षद निर्वाचित हुए थे, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 9 हो गई है। इसे स्थानीय स्तर पर भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और प्रभावी चुनावी रणनीति का परिणाम माना जा रहा है।
भाजपा समर्थित विजयी पार्षदों में वार्ड-1 से नरेश कुमारी, वार्ड-2 से जमना देवी, वार्ड-4 से पूजा दास, वार्ड-5 से नरेंद्र पंडित, वार्ड-6 से मीना, वार्ड-7 से वंदना गौतम, वार्ड-8 से अनिल हैप्पी, वार्ड-9 से अजय चंदेल तथा वार्ड-11 से मुकेश भाटिया शामिल हैं। अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण जमना देवी का नाम शुरू से ही प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा था और अंततः उनके नाम पर सर्वसम्मति बन गई।
उपाध्यक्ष पद के लिए नरेंद्र पंडित का चयन भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। व्यापार मंडल से जुड़े होने के कारण उनकी शहर के व्यापारिक वर्ग में अच्छी पकड़ मानी जाती है, जिससे भाजपा ने राजनीतिक और सामाजिक संतुलन का संदेश देने का प्रयास किया है।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सदर विधायक त्रिलोक जमवाल के नेतृत्व में विजय रैली निकाली गई। भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने लक्ष्मी नारायण मंदिर तथा बाबा नाहर सिंह मंदिर में पूजा-अर्चना कर जीत का जश्न मनाया। विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि नगर निकाय और पंचायत चुनावों में जनता ने भाजपा की नीतियों और विकास कार्यों पर भरोसा जताया है। उन्होंने जिला परिषद की चारों सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत को भी जनता के समर्थन का प्रमाण बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार नगर परिषद में भाजपा की लगातार दूसरी जीत आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त मानी जा रही है। हालांकि अब नगर परिषद के नए नेतृत्व के सामने विकास कार्यों को गति देने, नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की चुनौती होगी।