11 जून : हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों के परमिट शुल्क में बढ़ोतरी की तैयारी शुरू हो गई है। परिवहन विभाग ने हिमाचल प्रदेश मोटर यान नियम, 1999 के नियम-67 में संशोधन का मसौदा जारी करते हुए आम जनता, वाहन संचालकों और संबंधित संगठनों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर बसों, मालवाहक वाहनों और अन्य यात्री वाहनों के परमिट शुल्क में वृद्धि होगी।
जारी मसौदे के अनुसार बसों के नियमित परमिट के लिए आवेदन शुल्क 1500 रुपये और अस्थायी परमिट के लिए 750 रुपये प्रस्तावित किया गया है। वहीं अन्य यात्री वाहनों और निजी सेवा वाहनों के नियमित परमिट के लिए 1000 रुपये तथा अस्थायी परमिट के लिए 500 रुपये शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव है।
मालवाहक वाहनों के लिए भी नई शुल्क दरें तय की गई हैं। हल्के मालवाहक वाहनों के नियमित परमिट के लिए 200 रुपये और अस्थायी परमिट के लिए 100 रुपये शुल्क प्रस्तावित है। मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के लिए नियमित और अस्थायी दोनों प्रकार के परमिट पर 100-100 रुपये शुल्क लिया जाएगा। मोटर कैब, ऑटो रिक्शा और मैक्सी कैब के लिए शुल्क 50 रुपये ही रखा गया है।
प्रस्तावित संशोधन में एक अहम प्रावधान यह भी शामिल किया गया है कि नई शुल्क दरों में हर दो वर्ष बाद स्वतः 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। बढ़ी हुई राशि को निकटतम 10 रुपये तक राउंड ऑफ किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचना जारी होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही संशोधित नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद सरकार वाहन परमिट शुल्क में बदलाव को लेकर अंतिम फैसला