9 जून: समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बडैहर गांव के रहने वाले साहसिक ट्रैकर अनिल कुमार ने एक अनूठी पहल शुरू की है। जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे मरीजों को जीवनदान दिलाने के संदेश के साथ अनिल मनाली से लेह तक करीब 500 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पर निकल पड़े हैं।
बीते सोमवार को अनिल कुमार ने मनाली स्थित हिडिंबा देवी मंदिर में माथा टेककर और माता का आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि इस चुनौतीपूर्ण अभियान की योजना उन्होंने करीब एक महीने पहले बनाई थी।
अनिल का लक्ष्य प्रतिदिन 20 से 25 किलोमीटर पैदल चलकर अगले 25 दिनों में लेह पहुंचना है। उनकी यात्रा मनाली से शुरू होकर केलांग, जिस्पा, दारचा और सरचू जैसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। लेह पहुंचने के बाद वह हॉल ऑफ फेम में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी पदयात्रा का समापन करेंगे।
अनिल कुमार ने बताया कि इस अभियान की प्रेरणा उन्हें उनकी पत्नी से मिली, जो स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। वह स्वयं भी एक पंजीकृत अंगदाता हैं और समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया में लाखों लोग ऐसे हैं जो अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन समय पर अंग उपलब्ध न होने के कारण कई लोगों की जान चली जाती है। समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता की कमी और झिझक को दूर करने के लिए ही उन्होंने इस 500 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का संकल्प लिया है।