शाहपुर के अनजेश जोशी ने Ironman 70.3 में दिखाया दम, फिलीपींस में भारत का बढ़ाया मान

8 जून : कांगड़ा जिले के शाहपुर क्षेत्र के युवा मरीन इंजीनियर अनजेश जोशी ने फिलीपींस के सुबिक बे में आयोजित प्रतिष्ठित Ironman 70.3 प्रतियोगिता सफलतापूर्वक पूरी कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश और भारत का नाम रोशन किया है। दुनिया की सबसे कठिन एंड्योरेंस प्रतियोगिताओं में शामिल इस रेस में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 घंटे 13 मिनट 53 सेकंड में चुनौती पूरी की।

अनजेश ने 30-34 वर्ष आयु वर्ग के 52 प्रतिभागियों के बीच 22वां स्थान हासिल किया, जबकि कुल 470 प्रतिभागियों में उनका 142वां स्थान रहा। Ironman 70.3 प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को लगातार 1.9 किलोमीटर तैराकी, 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21.1 किलोमीटर हाफ मैराथन पूरी करनी होती है, जिसे दुनिया की सबसे कठिन सहनशक्ति परीक्षाओं में गिना जाता है।

शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव कुठार के निवासी अनजेश जोशी पेशे से मरीन इंजीनियर हैं और लंबे समय से एंड्योरेंस स्पोर्ट्स से जुड़े हुए हैं। इससे पहले वे मनाली से लेह-लद्दाख तक साइकिल बैकपैकिंग अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने देशभर की कई मैराथन, हाफ मैराथन और ट्रेल रनिंग प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

Ironman 70.3 की तैयारी उनके लिए आसान नहीं रही। समुद्र में नौकरी के दौरान सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने लगातार अभ्यास जारी रखा। कई बार उन्हें जहाज पर उपलब्ध ट्रेडमिल, स्टेशनरी बाइक और सीमित जिम सुविधाओं के सहारे ही प्रशिक्षण करना पड़ा।

रेस के दौरान फिलीपींस की अत्यधिक गर्मी और नमी सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई। तेज हेडविंड और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अनजेश ने 90 किलोमीटर साइकिलिंग चरण 3 घंटे 15 मिनट में पूरा किया। वहीं अंतिम 21.1 किलोमीटर हाफ मैराथन लगभग 2 घंटे 2 मिनट में पूरी कर शानदार मानसिक और शारीरिक क्षमता का परिचय दिया।

अनजेश की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय जम्मू और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भनाला, शाहपुर में हुई। उन्होंने पुणे स्थित तुलानी मैरीटाइम इंस्टीट्यूट से बी.टेक (मरीन इंजीनियरिंग) की डिग्री प्राप्त की है। उनके पिता संजय जोशी सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर हैं, जबकि माता अंजना जोशी वर्तमान में झरेड़ पंचायत की प्रधान हैं।

उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। परिजनों, मित्रों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि अनजेश ने अपने परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर शाहपुर, कांगड़ा और हिमाचल प्रदेश का नाम वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है।

अनजेश जोशी ने अपनी सफलता पर कहा कि यह उनके जीवन की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक थी, लेकिन फिनिश लाइन पार करने का अनुभव बेहद प्रेरणादायक और यादगार रहा। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि निरंतर मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

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