7 जून : अमेरिका और ईरान के बीच जारी अप्रत्यक्ष वार्ता के संवेदनशील दौर में पाकिस्तान ने कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी एक विशेष संदेश लेकर तेहरान पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि यह संदेश पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ओर से ईरान के सर्वोच्च नेतृत्व के लिए भेजा गया है।
ईरान पहुंचने पर नकवी का स्वागत उनके समकक्ष एस्कंदर मोमेनी ने किया। दोनों नेताओं की हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान भी मुलाकात हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुकी है।
राजनयिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने के प्रयासों में भूमिका निभा रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में हुए युद्धविराम समझौते को बनाए रखने और वार्ता के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने को लेकर भी पाकिस्तान सक्रिय रूप से संपर्क साध रहा है।
हालांकि अप्रैल में लागू हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से अभी भी प्रभावी है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों और सैन्य गतिविधियों ने स्थिति को जटिल बना दिया है। विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम, संवर्धित यूरेनियम भंडार, आर्थिक प्रतिबंधों, होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार तेहरान रवाना होने से पहले मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी विचार-विमर्श किया। पाकिस्तान इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वार्ता प्रक्रिया जारी है और समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है। वहीं ईरान का रुख अपेक्षाकृत सतर्क बना हुआ है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा था कि अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और विभिन्न प्रस्तावों पर अभी विचार किया जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस वार्ता की दिशा मध्य-पूर्व की क्षेत्रीय राजनीति और वैश्विक सुरक्षा पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।