6 जून, रवि दत्त भारद्वाज: राजगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब वार्ड नंबर-7 से संधोडी गांव को जाने वाली सड़क के किनारे एक घायल तेंदुआ पड़ा हुआ मिला। तेंदुए के दिखाई देने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेंदुआ गंभीर रूप से घायल था और चलने-फिरने में असमर्थ दिखाई दे रहा था। घायल होने के कारण वह किसी को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में नहीं था, फिर भी लोगों ने सतर्कता बरतते हुए तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर स्थिति का जायजा लिया। वन परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि तेंदुए की पिछली दोनों टांगें काम नहीं कर रही थीं, जिसके कारण वह सड़क किनारे असहाय अवस्था में पड़ा हुआ था। प्रारंभिक जांच में चोट लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, हालांकि आशंका जताई जा रही है कि वह किसी दुर्घटना या अन्य गंभीर कारण से घायल हुआ हो सकता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तुरंत वन्य प्राणी विभाग शिमला को सूचित किया। सूचना मिलने के बाद विशेष रेस्क्यू टीम राजगढ़ पहुंची और घायल तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान तेंदुआ पास की घनी झाड़ियों में छिप गया, जिससे टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक घंटे तक चले अभियान के बाद वन्य प्राणी विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक तेंदुए को सुरक्षित कब्जे में ले लिया।
इसके बाद घायल तेंदुए को उपचार और विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिमला भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी चोटों के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी वन्य जीव की गतिविधि नजर आए तो उसके पास जाने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
वन परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश शर्मा ने बताया कि घायल तेंदुए की पिछली दोनों टांगें काम नहीं कर रही थीं। वन विभाग और वन्य प्राणी विभाग की संयुक्त टीम ने लगभग एक घंटे तक अभियान चलाकर उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया और उपचार के लिए शिमला भेज दिया।