31 मई : हिमाचल प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान को और सख्त बनाते हुए सरकारी नौकरियों में भर्ती से पहले डोपिंग टेस्ट अनिवार्य करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी विभागों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के आदेश दिए हैं।
शुक्रवार देर शाम प्रशासनिक सचिवों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने नशा तस्करी से जुड़े मामलों में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का विभागवार ब्यौरा भी मांगा। साथ ही सभी विभागों को नई भर्तियों में डोपिंग टेस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारी कल्याण से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए चतुर्थ श्रेणी पेंशनभोगियों की लंबित ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण राशि का जल्द भुगतान करने को कहा। उन्होंने अनुकंपा आधार पर लंबित नौकरी मामलों का पूरा विवरण भी तलब किया।
विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाली पदों को शीघ्र भरने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 500 पद भरने का निर्णय पहले ही ले चुकी है।
बैठक में वन विभाग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने हालिया तूफानों से प्रभावित वन क्षेत्रों का आकलन करने और गिरे हुए पेड़ों को हटाने के लिए 1 जून से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं होने से सरकारी संसाधनों का नुकसान होता है।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने और जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।