30 मई : महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई 14 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अवैध शराब की आपूर्ति रोकने में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस और आबकारी विभाग के कुल 22 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामले में अब तक एक मुख्य तस्कर सहित आठ लोगों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है।
पुणे पुलिस आयुक्तालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हडपसर थाना क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और उपनिरीक्षक हसन मुलानी को निलंबित किया गया है।
वहीं पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस के छह अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई है। इनमें एक वरिष्ठ निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और चार कांस्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा राज्य आबकारी विभाग ने भी 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया है, जिनमें तीन निरीक्षक, छह उपनिरीक्षक और चार अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, जहरीली शराब पीने से पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाड़ी क्षेत्र में 10 लोगों की मौत हुई, जबकि पुणे के हडपसर स्थित पांढरे मला इलाके में चार लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा पांच अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है और आशंका है कि उन्होंने भी वही शराब पी थी।
प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है और अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।