30 मई: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में सभी विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्ति का अवसर मिलता है तथा देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं पर्याप्त रूप से मजबूत हैं।
नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान आंबेकर ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं पारदर्शी हैं। यहां नियमित चुनाव होते हैं, स्वतंत्र मीडिया मौजूद है और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोग अपने विचार खुलकर व्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार और चर्चाएं सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इन्हें इसी रूप में देखा जाना चाहिए।
आंबेकर ने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और इसमें हर वर्ग की आवाज को समाहित करने की क्षमता है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता, राजनीतिक दल और संस्थाएं किसी भी मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकालने में सक्षम हैं।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं यानी ‘जेन-Z’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय युवा आशावादी हैं और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा रखते हैं। उनके अनुसार युवा संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी बात रखते हैं और लोकतांत्रिक माध्यमों से बदलाव में विश्वास करते हैं।
पाकिस्तान के साथ संवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर आंबेकर ने कहा कि लोगों के बीच बातचीत से कई समस्याओं का समाधान संभव है। हालांकि, सरकार स्तर पर वार्ता करना राजनीतिक और कूटनीतिक निर्णय का विषय है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच संवाद और संपर्क बने रहने से संबंध बेहतर हो सकते हैं और समय के साथ कई मुद्दों का समाधान निकल सकता है।
आरएसएस ने दोहराया कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों और संवाद की प्रक्रिया में विश्वास रखता है तथा देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत मानता है।