28 मई: शिमला पुलिस ने “ड्रग फ्री हिमाचल” अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई करते हुए ₹1.13 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की है। पुलिस ने सप्लाई और डिमांड दोनों नेटवर्क पर एक साथ कार्रवाई कर कई बड़े तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ दी है। खास बात यह है कि पिछले दो वर्षों में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जबकि इस साल महज तीन महीनों में रिकॉर्ड स्तर पर संपत्ति जब्ती की गई है।
कोटखाई क्षेत्र के 20 वर्षीय आरोपी आर्यन के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे कैथू सब-जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया कि बिना किसी वैध आय स्रोत के उसके खातों में लाखों रुपए का लेन-देन हुआ। पुलिस ने उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी और दोमंजिला मकान समेत करीब ₹60 लाख की संपत्ति जब्त कर ली है।
वहीं कुमारसैन में अफीम तस्करी मामले में पुलिस ने ₹53 लाख की संपत्ति फ्रीज की है। इस मामले में नेपाल मूल के तीन आरोपियों सहित एक महिला को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोपियों की गाड़ियां, बाइक, नकदी और बैंक खातों में जमा रकम को सीज किया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी लंबे समय से विभिन्न इलाकों में अफीम सप्लाई कर रहे थे।
शिमला पुलिस के अनुसार इस वर्ष अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 134 मामले दर्ज किए गए हैं और 286 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल और भारत-नेपाल बॉर्डर तक फैले नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 42 बड़े सप्लायरों को भी गिरफ्तार किया है।
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी। पुलिस अब केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी जब्त कर आर्थिक रूप से पूरी तरह खत्म करने की दिशा में लगातार कार्रवाई करेगी।