26 मई: उम्र भले ही 94 साल हो चुकी हो, लेकिन जनसेवा का जज्बा और नेतृत्व का आत्मविश्वास आज भी कॉमरेड परस राम में बरकरार है। जिला कांगड़ा की हटवास पंचायत निवासी परस राम इन दिनों उपप्रधान पद के चुनाव को लेकर पूरी सक्रियता से प्रचार में जुटे हुए हैं। 1932 में जन्मे परस राम तपती धूप में भी हाथ में बैंत और कंधे पर झोला लेकर घर-घर जाकर लोगों से समर्थन मांग रहे हैं।
परस राम रोज सुबह करीब आठ बजे प्रचार के लिए निकलते हैं और दोपहर बाद घर लौटते हैं। अपने झोले में रखे पोस्टर लोगों को दिखाकर वह वोट देने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर उन्हें मौका मिला और सरकार का सहयोग मिला, तो वह पंचायत क्षेत्र से नशे को खत्म करने के लिए काम करेंगे। साथ ही उनका मानना है कि हर मेहनतकश व्यक्ति को रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।
उनकी पत्नी 80 वर्षीय शीला देवी भी पति की जीत के लिए दुआ कर रही हैं। उन्होंने बताया कि शिमला में सरकारी खर्च पर हुई अपनी और पति की सर्जरी को लेकर वह आज भी स्वर्गीय जीएस बाली को याद करती हैं।
परस राम इससे पहले करीब 35 साल पहले भी स्थानीय निकाय का चुनाव लड़ चुके हैं। उस चुनाव में उन्हें लगभग 450 वोट मिले थे, हालांकि जीत नहीं मिल सकी थी। अब एक बार फिर वह अपनी राजनीतिक इच्छा को पूरा करने के लिए चुनावी मैदान में उतरे हैं। अपने समय में वह कम्युनिस्ट पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं, जिसके चलते लोग उन्हें आज भी ‘कॉमरेड परस राम’ के नाम से जानते हैं।