डिजिटल शिक्षा में हिमाचल बना रोल मॉडल, दूसरे राज्यों ने भी सराहा मॉडल

21 मई: हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे डिजिटल सुधारों और नवाचारों की देशभर में सराहना हो रही है। बुधवार को तेलंगाना के समग्र शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा निदेशक डॉ. ई. नवीन निकोलस ने शिमला स्थित समग्र शिक्षा निदेशालय में समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा से मुलाकात कर प्रदेश में लागू शिक्षा सुधारों की जानकारी ली। इस दौरान दोनों अधिकारियों के बीच स्कूली शिक्षा में डिजिटल तकनीक, गुणवत्ता सुधार और छात्र हित से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में हिमाचल प्रदेश के 6ए आधारित विद्या समीक्षा केंद्र मॉडल को प्रभावी और प्रेरणादायक पहल बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि अटेंडेंस, असस्मेंट, एडमिनिस्ट्रेशन, एक्रेडिटेशन, एडाप्टिव लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे छह प्रमुख घटकों को जोड़कर प्रदेश ने शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाया है। इससे स्कूलों की बेहतर मॉनिटरिंग, समय पर फैसले लेने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को सुधारने में सहायता मिल रही है।

राजेश शर्मा ने बताया कि विद्या समीक्षा केंद्र को केवल डाटा डैशबोर्ड तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे एआई आधारित प्रबंधन और डाटा आधारित निर्णय प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्री-प्राइमरी शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग और समावेशी शिक्षा को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित करना समग्र शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही इस तरह की बैठकों से विभिन्न राज्यों के बीच अनुभव और नई कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान को भी मजबूती मिलती है।

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