हिमाचल में सरकारी नौकरी से पहले होगा ‘चिट्टा टेस्ट’, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बड़ा फैसला

11 मई: हिमाचल प्रदेश में बढ़ते चिट्टा और ड्रग नेटवर्क पर सख्ती दिखाते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया है। सोमवार को शिमला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में सरकारी नौकरी पाने के लिए युवाओं को अनिवार्य रूप से ‘एंटी चिट्टा टेस्ट’ से गुजरना होगा। इसके अलावा डॉक्टर, इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल कोर्स कर रहे छात्रों की हर साल ड्रग जांच भी करवाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी छात्र की जांच में चिट्टा या अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की पुष्टि होती है तो उसे रिहैबिलिटेशन सेंटर भेजा जाएगा। सरकार ने नशे के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई है और युवाओं का भविष्य बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव के बाद 1 जून से 20 अगस्त तक पूरे प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान डीसी, एसपी, एसडीएम और डीएसपी स्तर के अधिकारी शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे। मुख्यमंत्री खुद भी जिलों में जाकर एंटी चिट्टा वॉकथन में हिस्सा लेंगे।

मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि प्रदेश में अब तक 123 सरकारी कर्मचारी चिट्टा तस्करी में शामिल पाए गए हैं। इनमें पुलिस विभाग के 21 जवान शामिल हैं, जिन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। इसके अलावा बिजली बोर्ड, शिक्षा, बैंकिंग, आईपीएच, एचआरटीसी, फॉरेस्ट और पीडब्ल्यूडी समेत कई विभागों के कर्मचारी भी नशा तस्करी में संलिप्त पाए गए हैं। अब तक 31 कर्मचारियों को सेवा से हटाया जा चुका है, जबकि अन्य के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

सरकार ने प्रदेशभर में पंचायत स्तर पर रेड, येलो और ग्रीन जोन बनाकर चिट्टा तस्करों की पहचान शुरू की है। अब तक करीब 12 हजार संदिग्धों और तस्करों की पहचान की जा चुकी है। प्रदेश की 224 पंचायतों को रेड जोन में रखा गया है, जहां पुलिस और सीआईडी की विशेष निगरानी जारी है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2023 से अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 6811 मामले दर्ज किए गए हैं और 10 हजार 357 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 45 हजार 867 किलोग्राम चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं। वहीं 174 बड़े ड्रग तस्करों को हिरासत में लिया गया है।

सरकार ने चिट्टा तस्करी से अर्जित 70 संपत्तियों की पहचान भी की है, जिनमें से 17 अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा चुका है। साथ ही नशा तस्करी की सूचना देने वालों के लिए इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी गई है।

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