11 मई: हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत बनने वाली सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया आदर्श आचार संहिता हटते ही शुरू कर दी जाएगी। लोक निर्माण विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है और टेंडर से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा हुआ है। विभाग की ओर से इन दिनों वित्तीय और तकनीकी मूल्यांकन का कार्य किया जा रहा है, जिसे आचार संहिता समाप्त होने से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 294 सड़कों के निर्माण को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से मंजूरी मिल चुकी है। केंद्र सरकार की शर्तों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया 72 दिनों के भीतर पूरी करना जरूरी होता है। मंजूरी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन पंचायत और नगर निकाय चुनावों की घोषणा के चलते आदर्श आचार संहिता लागू होने से काम प्रभावित हुआ।
विभाग ने चुनावी आचार संहिता के दौरान भी टेंडर प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति के लिए राज्य चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजा था। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ई. एनपी सिंह ने बताया कि कुछ सड़कों के टेंडर पहले ही किए जा चुके हैं, जबकि बाकी सड़कों के लिए प्रक्रिया आचार संहिता हटने के तुरंत बाद शुरू कर दी जाएगी।