राजगढ़ में मई में दिसंबर जैसी ठंड, बारिश-ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित

5 मई, रवि दत्त भारद्वाज: राजगढ़ क्षेत्र में मौसम का मिजाज लगातार दूसरे दिन भी बिगड़ा रहा। मंगलवार को दोपहर बाद करीब चार बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज आंधी, तूफान के साथ बारिश व ओलावृष्टि शुरू हो गई। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से जनजीवन प्रभावित हुआ और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मई महीने में दिसंबर जैसी ठंड का अहसास हुआ।

सुबह के समय मौसम सामान्य था और धूप निकलने से लोगों को राहत मिली थी, लेकिन दोपहर बाद हालात तेजी से बदल गए। कुछ ही समय में आसमान घने बादलों से ढक गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में दिन के समय ही अंधेरा छा गया, जिससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर सफर करना पड़ा। आंधी और बिजली की कड़क से लोग सहम गए।

लगातार बदलते मौसम ने किसानों और बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कई क्षेत्रों से ओलावृष्टि की सूचना मिली है, जिससे गेहूं, जौ और सरसों की खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा आड़ू, प्लम, खुमानी, सेब और नाशपाती जैसी बागवानी फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं।

राजगढ़ की प्रमुख नकदी फसल लहसुन के लिए भी यह मौसम नुकसानदायक माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार नमी और तापमान में गिरावट के कारण लहसुन में सड़न रोग का खतरा बढ़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

वहीं क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में बर्फबारी की सूचना मिली है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने किसानों और बागवानों की चिंता और बढ़ा दी है

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