2 मई : सोलन और बिलासपुर जिलों में ट्रकों के फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी (सरगना) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।
इस मामले में पुलिस पहले ही क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) सोलन के एक क्लर्क सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी को आरएलए सोलन की अधिकारी एवं एसडीएम डॉ. पूनम बंसल द्वारा दर्ज शिकायत में खुलासा हुआ था कि वाणिज्यिक वाहनों के पंजीकरण, भार क्षमता में बदलाव और स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वाहन पोर्टल में अवैध छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से काम किए गए।
जांच के दौरान पाया गया कि कार्यालय में कार्यरत क्लर्क द्वारा आधिकारिक उपयोगकर्ता पहचान के अलावा फर्जी पहचान बनाई गई थी। इन फर्जी पहचान के माध्यम से वाहन पंजीकरण से जुड़े सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रियाएं अवैध रूप से पूरी की गईं और नियमों को दरकिनार कर गलत तरीके से लाभ कमाया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोलन के निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक अशोक चौहान की अगुवाई में विशेष जांच दल का गठन किया गया था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सरगना से गहन पूछताछ जारी है और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत की मांग की जा रही है।