27 मार्च: हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने बीपीएल (BPL) परिवारों के चयन के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नई अधिसूचना के अनुसार, अब उन्हीं परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 20 दिन का कार्य किया हो।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अमरजीत सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बीपीएल चयन के पुराने नियमों को इस नए कार्य-आधारित मानक से बदल दिया गया है। प्रथम से पांचवें चरण तक के लंबित आवेदनों पर भी अब इसी संशोधित नियम के तहत विचार किया जाएगा। इच्छुक परिवार 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि अंतिम सूची 4 अप्रैल 2026 तक जारी कर दी जाएगी।
सरकार ने मनरेगा कार्य दिवसों की शर्त में यह चौथी बार संशोधन किया है। पहले यह सीमा 100 दिन थी, जिसे घटाकर 80, फिर 50 और अब 20 दिन कर दिया गया है। बीडीओ परागपुर अशोक कुमार के अनुसार, इस बदलाव से अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
नए नियमों को लागू करने के लिए पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में मुनादी और बैठकों के माध्यम से लोगों को जानकारी दें, ताकि पात्र परिवार समय पर आवेदन कर सकें।