14 मार्च: हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा और उससे हुए भारी नुकसान का मुद्दा राज्यसभा में उठाया गया। राज्यसभा सांसद और हिमाचल कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल ने सदन में केंद्र सरकार से राहत राशि को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में आपदा के कारण हिमाचल को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। कुल्लू-मनाली सहित कई क्षेत्रों में सड़कें और संपर्क मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए। पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ₹1500 करोड़ की सहायता की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक प्रदेश को यह राशि नहीं मिली है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर कहा कि रजनी पाटिल लगातार हिमाचल की आवाज संसद में उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है, जो पर्वतीय और छोटे राज्यों के हितों से जुड़ा है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी रजनी पाटिल का आभार जताते हुए कहा कि हिमाचल हर साल आपदाओं का सामना करता है, लेकिन केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से आगामी मानसून को देखते हुए प्रदेश को पर्याप्त राहत और सहायता देने की मांग की है।