28 फरवरी: शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक अंतर्राज्यीय हैरोइन (चिट्टा) सप्लाई नेटवर्क का खुलासा करते हुए इसके मुख्य आरोपी को पंजाब के फिरोजपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्चुअल नंबरों के माध्यम से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
यह कार्रवाई 2 फरवरी 2026 को दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले से शुरू हुई। रोहड़ू के मेहंदली पुल के पास पुलिस ने पंजाब के दो युवकों—जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह—को 83 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।
आगे की कार्रवाई में चिड़गांव क्षेत्र से चार और आरोपियों—आशीष चौहान, नवीन शिट्टा, दीवान चंद और विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू—को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार विजेंद्र सिंह को इस नेटवर्क का प्रमुख डिस्ट्रीब्यूटर माना जा रहा है।
तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण में जशनदीप सिंह के खाते में पिछले चार महीनों के दौरान लगभग 18 लाख रुपये के लेन-देन का पता चला। डिजिटल साक्ष्यों से यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी अपनी पहचान छुपाने के लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था।
जांच के आधार पर शिमला पुलिस की टीम पंजाब के फिरोजपुर पहुंची, जहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से हरदीप सिंह पुत्र सुरजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार उसके बैंक खाते में पिछले सात महीनों में लगभग 28 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन दर्ज हुआ है।
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 56 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।