26 सितम्बर:मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों से हिमाचल की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया। वह सोलन में ‘हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग एवं निजी विश्वविद्यालयों के संस्थागत योगदान, भविष्य की प्राथमिकताएं एवं सहयोगात्मक कार्यप्रणाली’ विषय पर आयोजित शैक्षणिक सम्मेलन सत्र एवं छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम में बदलाव, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, सतत पर्यटन, अक्षय ऊर्जा, बागवानी, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में विश्वविद्यालयों का सार्थक अनुसंधान प्रदेश के हितों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने इन क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालय प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के महत्वपूर्ण सहयोगी हैं। शिक्षा के विस्तार और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने के लिए उद्योग जगत और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। विश्वविद्यालयों को उभरते रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए अपने पाठ्यक्रमों को लगातार अपडेट करना चाहिए, ताकि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने निजी विश्वविद्यालयों से संकाय विकास, अनुसंधान सहयोग, छात्र आदान-प्रदान, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेहतर पाठ्यक्रम, प्रयोगशालाएं, अनुसंधान सुविधाएं और उद्योगों के साथ संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रोजगार अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में कई सकारात्मक उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उनके अनुसार, गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश पांचवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि वर्ष 2021 में यह 21वें स्थान पर था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि तकनीक, पर्यटन एवं आतिथ्य, अक्षय ऊर्जा, वानिकी और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में कौशल आधारित एवं उद्योगों से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दें। इससे हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निजी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों से संवाद भी किया। उन्होंने जल के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा को बढ़ावा देने, दुग्ध उत्पादन, प्राकृतिक कृषि और बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री ने इससे पहले निजी विश्वविद्यालयों द्वारा अनुसंधान एवं पेटेंट विषयों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल ने भी इस अवसर पर निजी विश्वविद्यालयों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और छात्रों से जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा, अर्की के विधायक संजय अवस्थी, कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपकुलपति, छात्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।