11 सितंबर: 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के उपलक्ष्य पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बीडीओ कार्यालय भोरंज में पोषण जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भोरंज क्षेत्र की छह ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों को पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
बाल विकास परियोजना अधिकारी भोरंज सुनील कुमार ने बताया कि स्वस्थ जीवन के लिए आहार का संतुलित और पौष्टिक होना बेहद जरूरी है। विशेषकर बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री महिलाओं के लिए उचित पोषण का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि बच्चे के जीवन में गर्भावस्था से लेकर दो वर्ष की आयु तक के लगभग 1000 दिन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में बच्चे का तेजी से विकास होता है, इसलिए बच्चे के साथ-साथ गर्भवती और धात्री महिला के पोषण का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने से शरीर स्वस्थ रहता है और कई बीमारियों से बचाव होता है। उन्होंने पंचायत जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को सही पोषण के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरुक करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कुपोषण मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर वृत्त पर्यवेक्षक कुंता राणा, पर्यवेक्षक अंजना शर्मा, बीडीओ कार्यालय के पंचायत निरीक्षक राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।