10 सितम्बर: नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट की। इस दौरान हिमाचल प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित पहलों को सुदृढ़ करने से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने राज्य के दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों तक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने लाहौल-स्पीति और पांगी के उच्च ऊंचाई वाले जनजातीय क्षेत्रों में लद्दाख के हानले में संचालित खगोलीय पहलों की तर्ज पर खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी केंद्र स्थापित करने की राज्य सरकार की योजना से केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया।
बैठक में हिमाचल प्रदेश में लैवेंडर की खेती को बढ़ावा देने का विषय भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के माध्यम से प्रदेश में लैवेंडर की डेमोंस्ट्रेशन साइट्स का विस्तार करने के लिए सहयोग का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के आकांक्षी विकासखंडों के स्कूलों में विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के लिए विज्ञान संग्रहालय स्थापित करने हेतु केंद्रीय सहायता का अनुरोध भी किया।
उन्होंने स्थानीय स्तर पर मौसम निगरानी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्वचालित वर्षामापी यंत्र और विकासखंड स्तर पर स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित करने की पहल में तेजी लाने का आग्रह किया। इस दौरान राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित हस्तक्षेपों को मजबूत करने तथा दूरदराज एवं जनजातीय क्षेत्रों तक वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक प्रौद्योगिकी के लाभ पहुंचाने से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए मुद्दों और प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।