कांगड़ा में सड़क हादसों पर लगाम के लिए जनजागरूकता पर जोर, 11 स्थानों पर आईटीएमएस से होगी निगरानी : डॉ. राजीव भारद्वाज

8 सितंबर: लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने जिला कांगड़ा में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सड़क हादसों को कम करने के लिए प्रशासन, पुलिस, संबंधित विभागों और आम जनता को मिलकर प्रयास करने होंगे।

डॉ. भारद्वाज ने कहा कि देश में हर वर्ष करीब डेढ़ लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं, जिनमें 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की संख्या अधिक है। पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा की चुनौती और गंभीर है। कांगड़ा जिले में वर्ष 2025 के दौरान सड़क हादसों में 111 लोगों की मौत हुई, जबकि 101 लोग गंभीर और 380 लोग मामूली रूप से घायल हुए। वर्ष 2026 में अब तक 87 लोगों की मौत, 78 गंभीर और 359 लोगों के घायल होने के मामले सामने आए हैं।

बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार करीब 93 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं में मानवीय भूल प्रमुख कारण रही है। सांसद ने कहा कि केवल चालान और जुर्माने से सड़क हादसों की समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। इसके लिए लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।

उन्होंने परिवहन विभाग, एचआरटीसी और निजी बस ऑपरेटरों को चालकों व परिचालकों के लिए नियमित सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बसों को सड़क के बीच में खड़ा कर सवारियां उतारने से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। उन्होंने सड़क सुरक्षा अभियानों में पंचायत प्रतिनिधियों, नगर निगम पार्षदों, विधायकों, जिला परिषद सदस्यों और सांसदों को भी शामिल करने पर जोर दिया।

सांसद ने बताया कि जिला कांगड़ा में 11 स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) स्थापित किए गए हैं। उन्होंने अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी आईटीएमएस स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए, ताकि यातायात नियमों की निगरानी बेहतर तरीके से हो सके और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित जंक्शनों को चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। इसके लिए जरूरत के अनुसार साइन बोर्ड, ब्लिंकर लाइट और अन्य सुरक्षा उपाय करने तथा स्थायी समाधान तलाशने को कहा। आईटीआई शाहपुर के समीप विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज की संभावना तलाशने के निर्देश भी राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों को दिए गए।

डॉ. भारद्वाज ने आवारा पशुओं के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए पशु मालिकों को जागरूक करने और सड़कों पर पशुओं को खुला न छोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

उन्होंने सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटे को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से दुर्घटना पीड़ितों को जल्द अस्पताल पहुंचाने में मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने गुड स्मार्टियंस (राह वीर योजना) के तहत दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले लोगों को मिलने वाले प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की जानकारी भी साझा की।

सांसद ने पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.50 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 112 का उपयोग किया जा सकता है।

उन्होंने स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहनों की फिटनेस और पासिंग की प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को वाहन फिटनेस जांच के लिए अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े, इसके लिए अधिक एटीएस केंद्र खोलने का मामला केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा।

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। आरटीओ विकास जमवाल ने भी जिले में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा, विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम, पुलिस एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

Social Sharing

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *