27 अगस्त: स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लुएंजा से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में निगरानी और आवश्यक तैयारियों को मजबूत किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने लोगों से व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
डॉ. वर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस-ए के एच1एन1 स्ट्रेन से होने वाला संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से निकलने वाली बूंदों के माध्यम से फैल सकता है। तेज बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, अत्यधिक थकान, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द तथा सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई देने पर सतर्क रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि फ्लू जैसे लक्षणों को सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग तथा मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
सीएमओ ने लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह-नाक को रूमाल या टिशू से ढकने, हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोने तथा आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फ्लू जैसे लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें तथा दूसरों से उचित दूरी बनाए रखें। पर्याप्त आराम करने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की भी सलाह दी गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में मौसमी इन्फ्लुएंजा की निगरानी को मजबूत किया गया है। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों और गंभीर श्वसन संक्रमण के मामलों की निगरानी एवं दैनिक रिपोर्टिंग के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, जांच किट, पीपीई किट और एन-95 मास्क सहित जरूरी सामग्री का पर्याप्त भंडार रखने तथा गंभीर मरीजों के लिए बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिलाधीश ऊना जतिन लाल ने कहा कि जिले में स्वाइन फ्लू, स्क्रब टाइफस तथा अन्य संक्रमणों से बचाव के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य विभाग की ओर से सुझाई गई सावधानियों का पालन करने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की।