13 अगस्त: मंडी में जनगणना-2027 के दूसरे चरण के सफल संचालन को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हो गई है। उपायुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती ने किया।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जनगणना का दूसरा चरण बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज की जाएगी। इससे जिले की वास्तविक जनसंख्या, परिवारों की संरचना, आयु और लिंग, शिक्षा, रोजगार, प्रवास सहित विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से संबंधित अद्यतन आंकड़े प्राप्त होंगे।
उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे आंकड़ों के संग्रहण, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता तथा कार्यकुशलता बढ़ेगी।
प्रशिक्षण के दौरान डीसीओ एवं नोडल ऑफिसर-कम-मास्टर ट्रेनर हिमांशु और आनंद सोनी ने अधिकारियों व कर्मचारियों को जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया, जिम्मेदारियों और निर्धारित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही सटीक आंकड़े जुटाने, सही जानकारी दर्ज करने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षणार्थियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।
जिला मंडी के बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना का दूसरा चरण सितंबर माह में करवाया जाएगा। इसका उद्देश्य आगामी बर्फबारी और कठिन मौसम के कारण जनगणना कार्य प्रभावित होने से बचाना है। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों और व्यक्तियों से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज करेंगे।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में जनगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि जिले में जनगणना का कार्य सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके।
कार्यशाला में जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा जनगणना कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।