मंडी में अवैध शराब और नशे के खिलाफ सख्ती, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश

11 अगस्त: अवैध शराब के कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए मंडी जिला प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। आबकारी एवं एनडीपीएस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, अवैध गतिविधियों की निगरानी और कानून के प्रभावी अनुपालन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में आबकारी विभाग और पुलिस के साथ बेहतर तालमेल बनाकर नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अवैध शराब या मादक पदार्थों से संबंधित कोई शिकायत अथवा गतिविधि सामने आने पर संबंधित विभागों की मदद लेकर संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई की जाए।

अपूर्व देवगन ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष नजर रखने के साथ-साथ नियमित निरीक्षण और छापेमारी अभियान जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री तथा नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए और शिकायतों पर बिना देरी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय समन्वय समिति का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं का बेहतर आदान-प्रदान करना, समय-समय पर समीक्षा करना तथा जरूरत के अनुसार संयुक्त निरीक्षण और कार्रवाई को प्रभावी बनाना है। उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कानूनों का निरंतर प्रभावी पालन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में राज्य कर एवं आबकारी विभाग के उप आयुक्त अरविंद शर्मा ने आबकारी अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जून से 31 जुलाई 2026 तक मंडी पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत 52 मामले दर्ज किए। इस दौरान पुलिस ने 3074.250 लीटर विदेशी शराब, 2296.800 लीटर देशी शराब, 4584.450 लीटर बीयर और 39.150 लीटर अवैध लाहण व थरडा बरामद किया।

इसी अवधि में राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने जिले में 15 मामले दर्ज किए। विभाग की कार्रवाई के दौरान 81.75 लीटर विदेशी शराब, 293.25 लीटर देशी शराब, 13.65 लीटर बीयर और चार लीटर लाहण बरामद किया गया। जब्त शराब से जुड़े मामलों में आरोपितों से 3 लाख 80 हजार रुपये की कंपाउंडिंग फीस भी वसूल की गई।

बैठक में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की भी समीक्षा की गई। जानकारी के अनुसार मंडी पुलिस ने इस अवधि में 58 मामले दर्ज किए। इन मामलों में 27.692 किलोग्राम चरस, 521.81 ग्राम अफीम, 3.953 किलोग्राम डोडा पोस्त और 328.088 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करते हुए अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिनियमों एवं नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में पुलिस, राज्य कर एवं आबकारी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिले के सभी एसडीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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