11 अगस्त: ग्रामीण विकास विभाग की ओर से फेस-1 से फेस-8 सर्वे के तहत चिह्नित बीपीएल लाभार्थियों से सीधा संवाद करने के लिए मिनी सचिवालय कॉम्प्लेक्स ज्वाली और सिद्धपुरघाड़ में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोनों कार्यक्रमों में कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम में एसडीएम नरेंद्र जरियाल, बीडीओ मनोज शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र राजू, कांग्रेस नेता मनु शर्मा, पंचायत प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो।
उन्होंने कहा कि बीपीएल परिवारों से सीधे संवाद के माध्यम से उनकी वास्तविक स्थिति और जरूरतों को समझने में मदद मिल रही है। साथ ही पात्र लाभार्थियों को उनकी योग्यता के अनुसार विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों के माध्यम से हल करवाया जाए।
बीडीओ मनोज शर्मा ने बताया कि फेस-1 से फेस-8 सर्वे के तहत चिह्नित बीपीएल परिवारों से संवाद का मुख्य उद्देश्य उनकी वास्तविक आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त करना है। संवाद के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और जरूरतों के आधार पर पात्र परिवारों को विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। लाभार्थियों ने भी अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन पर अधिकारियों ने उन्हें आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया।
मिनी सचिवालय कॉम्प्लेक्स ज्वाली में 17 पंचायतों के 485 बीपीएल परिवारों, जबकि सिद्धपुरघाड़ में 12 पंचायतों के 341 बीपीएल परिवारों ने भाग लिया। दोनों स्थानों को मिलाकर कुल 826 चिह्नित बीपीएल परिवार संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।
संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बीपीएल परिवारों की वास्तविक स्थिति और जरूरतों को समझते हुए उन्हें उनकी पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना रहा।